Tricks to remember Fundamental Duties of Indian Constitution. एक ट्रिक इससे 11 मूल कर्त्तव्य याद किये जा सकते हैं|

साथियो नमस्कार,

आपको मैंने अपने पिछले आलेख में संविधान के बारे में लिखते हुए  भाग 4  क मूल कर्तव्यों के बारे में लिखा था तथा एक  ट्रिक लिखी थी|
 
|ये एक ट्रिक है इससे 11 मूल कर्त्तव्य याद किये जा सकते हैं|

संविधान बने, राष्ट्रीय ध्वज  और राष्ट्रीय गान हो इस लिए  स्वतंत्रता के आंदोलन में प्रभुता, एकता और अखंडता के साथ देश की रक्षा एवं राष्ट्र  सेवा की गयी| भारत के लोगों में समरसता हो  हमारी  संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के साथ साथ पर्यावरण की रक्षा की जाये| दयाभाव, , मानववाद,  हिंसा से  दुरी  का पालन करते हुए  उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास हो ऐसा भाव शिक्षा  का होना चाहिए|  


इस ट्रिक को लिंक करें ऊपर  ट्रिक की लाइनों में दिए गए रंग को नीचे मूल कर्तव्यों में उसी रंग से हाइलाइट किया है।  इन्हें कीवर्ड के रूप में याद करें।


  भाग 4क मूल कर्त्तव्य
 51क. मूल कर्त्तव्य –भारत के प्रत्येक  नागरिक का यह कर्त्तव्य  होगा कि वह–
(क)  संविधान का पालन करे और उसके आदर्श, संस्थाओं , राष्ट्रीय ध्वज  और राष्ट्रीय  गान का आदर करे ।
(ख) स्वतंत्रता के लिए  हमारे  राष्ट्रीय आंदोलन को  प्रेरित  करने वाले उच्च  आदर्शों को हृदय में  संजोये रखे और उनका पालन करे।
(ग) भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण  रखे।
 (घ) देश की रक्षा करे और  आव्हान  किए जाने पर राष्ट्र  की सेवा करे।
 (ङ) भारत के सभी लोगों में  समरसता और समान भ्रातृव की भावना का  निर्माण करे जो धर्म भाषा और प्रदेश या वर्ग  पर आधरित सभी भेदभाव से परे हो, ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों  के सम्मान के  विरुद्ध।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का  महत्त्व  समझे और उसका परिरक्षण करे। 
(छ) प्राकृतिक  पर्यावरण की, जिसके  अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं , रक्षा करे और उसका संवर्द्धन करे तथा प्राणी मात्र के प्रति  दयाभाव रखे ; 
(ज) वैज्ञानिक  दृष्टिकोण , मानववाद और  ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे।
(झ) सार्वजनिक सम्पति को सुरक्षित  रखे और हिंसा से दूर रहे।
 (ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक  गतिविधियों के  सभी क्षेत्र  में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करे। जिससे  राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए प्रयत्न  और उपलब्धि की नई उचाईयों  को छू ले |
(ट) यदि  माता- पिता या  संरक्षक है, छह वर्ष  से चौदह वर्ष  तक की आयु वाले अपने, यथास्तिथि , बालक या प्रतिपाल्य  के लिए  शिक्षा  के अवसर प्रदान   करे।

3 टिप्‍पणियां:

Snigdha ने कहा…

Excellent and easy language, even we English medium student can relate the trick.
Keep it up Sir

Regards
Snigdha Chaddha

तरूण जोशी " नारद" ने कहा…

Thank You Dear Reader,
Your Comments inspire us a lot.
This is just inception, we will try to give more useful information to you in future. Stay Connected.
Regards,
TARUN

Unknown ने कहा…

Amazing